दिल्ली । लोकसभा चुनाव में हार की हैट्रिक और कईं राज्यों में सरकारों से हटने के बाद कांग्रेस पार्टी आर्थिक संकट से जूझ रही है। लिहाजा पार्टी गतिविधियों और अन्य संसाधनों के लिए कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले क्राउडफंडिंग का सहारा लिया था… लेकिन अब भी पार्टी के कुछ अग्रिम संगठन पैसों के संकट का सामना कर रहे है। ऐसे में सेवादल ने पैसा जुटाने के लिए सदस्यता अभियान का सहारा लिया है। सेवादल ने तीन माह पहले इसके लिए पूरे देश में मेंबरशिप प्रोग्राम लॉन्च कर दिया है।
आर्थिक संकट से जूझ रहा है कांग्रेस का अग्रिम संगठन सेवादल
सेवादल ने संसाधन और पैसे जुटाने के लिए शुरू किया मेंबरशिप प्रोग्राम
दो नई मेंबरशिप के साथ साधारण सदस्यता के शुल्क में की भारी बढोतरी
आजीवन सदस्यता 5 हजार और 3 साल की सदस्यता के लिए राशि 1 हजार रुपए
वहीं साधारण सदस्यता का शुल्क किया 5 रुपए से बढ़ाकर 100 रुपए
सेवादल के सफर में पहली बार ऐसे सदस्यता अभियान की शुरुआत हुई
इसके लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं से पहले 1, 2 या 5 रुपए लिए जाते थे
देशभर से सेवादल अब तक 50 लाख रुपए मेंबरशिप से कर चुका है इकट्ठा
3 महीने पहले शुरु हुई मेंबरशिप 31 दिसंबर 2026 तक चलेगी
मेंबरशिप कराने के मामले में राजस्थान सेवादल अभी तीसरे नंबर पर
कांग्रेस का सेवादल संगठन आजादी से पहले का है। 1923 में सेवादल संगठन की स्थापना की गई थी। लेकिन संसाधनों के लिए पहले सेवादल को मोहताज नहीं होना पड़ता था। लेकिन वक्त बदला, दौर बदला पर सेवादल संगठन की दशा और दिशा नहीं सुधरी। सिर्फ पार्टी की बैठकों और रैलियों में सफेद ड्रेस पहनकर अनुशासन और अन्य व्यवस्थाएं बनाने तक यह संगठन सीमित हो गया है। दिल्ली के निर्देशों के बाद राजस्थान सेवादल यूनिट ने भी मेंबरशिप शुरू कर दी है। राजस्थान सेवादल का 28 फरवरी तक 50 हजार और पूरे साल एक लाख साधारण सदस्य बनाने का टार्गेट तय किया गया है।
संगठन ने नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति को मद्देनजर रखते हुए आजीवन और 3 साल की सदस्यता लेना अनिवार्य नहीं किया है। ये दोनों सदस्यता के लिए स्वेच्छा का ऑप्शन रखा गया है। हालांकि मुख्य कांग्रेस सहित अन्य संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठ पहले से सदस्यता अभियान चला रहे है। लेकिन सेवादल ने ऐसी मेंबरशिप का प्रयोग पहली बार शुरू किया है। एकत्रित की गई राशि चार हिस्सों में बांटकर खर्च की जाएगी। 25 फीसदी राशि राष्ट्रीय सेवादल, 25 फीसदी स्टेट सेवादल, 25 फीसदी ट्रेनिंग प्रोग्राम और 25 फीसदी राशि जिला अध्यक्षों की दी जाएगी।


