दिल्ली
त्योहारों और व्यस्त यात्रा सीजन के दौरान देशभर में बढ़ती भीड़ को देखते हुए भारतीय रेलवे ने 2025 में एक व्यापक और सुव्यवस्थित योजना के तहत 43 हजार से अधिक विशेष रेल यात्राओं का संचालन किया । इन ट्रेनों का उद्देश्य केवल भीड़ कम करना ही नहीं, बल्कि यात्रियों को समय पर सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना रहा।
– महाकुंभ 2025 के दौरान भारतीय रेलवे ने अब तक का सबसे बड़ा विशेष ट्रेन अभियान संचालित किया। 13 जनवरी से 28 फरवरी तक चले इस अभियान में 17 हजार 340 विशेष ट्रेनें चलाई गईं । इन ट्रेनों के ज़रिए लाखों श्रद्धालुओं को प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों तक सुरक्षित और सुगम आवागमन उपलब्ध कराया गया। स्टेशन प्रबंधन, सुरक्षा और समयबद्ध संचालन रेलवे की प्राथमिकता में रहा।
– छठ पूजा 2025 के दौरान रेलवे की व्यवस्थाएं और भी सुदृढ़ नजर आईं। 1 अक्टूबर से 30 नवंबर के बीच 12 हजार 383 विशेष ट्रेनें संचालित की गईं। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से जुड़े रूट्स पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष निगरानी और संचालन व्यवस्था की गई।
– होली 2025 के दौरान भी रेलवे पूरी तैयारी के साथ मैदान में रहा। 1 मार्च से 22 मार्च के बीच 1 हजार 144 विशेष ट्रेनें संचालित की गईं। जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुनी संख्या थीं। इससे प्रमुख शहरों और उत्तर भारत के रूट्स पर यात्रियों को बड़ी राहत मिली और टिकट की उपलब्धता भी बेहतर रही ।
– गर्मी की छुट्टियों में भी भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को पूरी प्राथमिकता दी। 1 अप्रैल से 30 जून 2025 तक 12 हजार 417 समर स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं। इन ट्रेनों ने छात्रों, परिवारों और लंबी दूरी के यात्रियों को पीक सीजन में भी आरामदायक और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की।
– रेलवे अधिकारियों के अनुसार 2025 में स्पेशल ट्रेनों की संख्या 2024 की तुलना में काफी अधिक रही…ये बढ़ोतरी बेहतर योजना, तकनीक के उपयोग और यात्रियों की जरूरतों को समझकर किए गए प्रबंधन का परिणाम है…. भारतीय रेलवे का दावा है कि आने वाले वर्षों में भी त्योहारों और पीक सीजन के दौरान ऐसी ही बेहतर व्यवस्थाएं जारी रहेंगी ।
