जयपुर:
लघु काशी के नाम से मशहूर जयपुर की सबसे बड़ी ताकत इसकी मॉन्युमेंट टूरिज्म, धार्मिक टूरिज्म और वाइल्डलाइफ टूरिज्म की अद्भुत त्रिवेणी है। जो पर्यटकों को एक साथ इतिहास, आस्था और रोमांच का अनुभव कराती है। यही कारण है कि जयपुर केवल घूमने की जगह नहीं बल्कि एक सम्पूर्ण अनुभव बन चुका है। जयपुर के ऐतिहासिक स्मारकों पर सुबह से शाम तक पर्यटकों की लंबी कतारें लगी रहती है। आमेर किला, हवा महल, जंतर मंतर, नाहरगढ़ किला, अल्बर्ट हॉल संग्रहालय, विद्याधर का बाग, सिसोदिया रानी का बाग और ईश्वरलाट जैसे प्रतिष्ठित स्थल पर्यटकों से खचाखच भरे हुए हैं। विरासत की भव्यता, फोटो स्पॉट्स और गाइडेड टूर विदेशी पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रहे हैं
पर्यटन के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन भी चरम पर है
गुलाबी नगरी के श्री गोविंद देव जी मंदिर, गलता जी, श्री खोल के हनुमान जी, श्री काले हनुमान जी, मोती डूंगरी गणेश जी और आमेर की शिला माता में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। नए साल से पहले दर्शन को शुभ मानते हुए बड़ी संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु यहां पहुंचे। जयपुर का वाइल्डलाइफ टूरिज्म इस सीजन की बड़ी खासियत बनकर उभरा है। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क, जल महल क्षेत्र, हाथी गांव, झालाना, आमागढ़ और बीड पापड़ लेपर्ड सफारी में रोमांच पसंद करने वाले पर्यटकों की जबरदस्त भीड़ देखी गई। लेपर्ड सफारी जयपुर का नया आकर्षण बन चुकी है । जहां देश-विदेश के पर्यटक एडवेंचर और नेचर को एक साथ महसूस कर रहे हैं। जयपुर के रूफटॉप रेस्टोरेंट्स, नाइट क्लब्स, लाइव म्यूजिक वेन्यू और न्यू ईयर थीम पार्टीज़ पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बने हुए हैं । परंपरागत राजस्थानी खानपान, दाल-बाटी-चूरमा, गट्टे की सब्जी और लोक संगीत-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां सैलानियों को खासा लुभा रही हैं। जयपुर के हस्तशिल्प, ज्वेलरी, ब्लू पॉटरी, टेक्सटाइल और पारंपरिक पहनावे की मांग भी तेजी से बढ़ी है
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी का विजन कामयाब रहा
पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार ये सीजन जयपुर के पर्यटन इतिहास में रिकॉर्ड राजस्व और रोजगार सृजन की दृष्टि से बेहद अहम साबित हो रहा है । प्रशासन ने भी ट्रैफिक, पार्किंग, सुरक्षा और पर्यटन सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्थाएं की हैं। इतिहास, आस्था, रोमांच और आधुनिक जश्न का अनूठा संगम देश-विदेश के पर्यटकों को बार-बार यहां आने के लिए मजबूर कर रहा है।
