जयपुर एयरपोर्ट ने AI आधारित AQMS सिस्टम होगा लागू
- प्रतीक्षा समय में कमी- लंबी कतारों से राहत और तेज़ प्रोसेसिंग होगी
- बेहतर यात्री अनुभव- कम भीड़ और रियल-टाइम अपडेट से तनाव में कमी आएगी
- परिचालन दक्षता- पीक आवर्स में बेहतर स्टाफ और संसाधन प्रबंधन होगा
- सुरक्षा में सुधार- लावारिस सामान और संदिग्ध गतिविधियों की त्वरित पहचान होगी
- डेटा आधारित निर्णय- सटीक डेटा से भविष्य की बेहतर योजना तैयार होगी
- राजस्व में वृद्धि- यात्रियों को शॉपिंग और डाइनिंग के लिए अधिक समय मिलेगा
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हर दिन करीब 100 उड़ानों का यहां से आवागमन होता है। जिनमें 6 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। सामान्य दिनों में करीब 50 हज़ार यात्री जयपुर एयरपोर्ट से सफर करते हैं। जबकि त्योहारों और हज जैसे विशेष मौकों पर यह संख्या लगभग दोगुनी हो जाती है। इसी बढ़ते यात्री दबाव को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने के लिए जयपुर एयरपोर्ट ने AI आधारित AQMS यानी एयरपोर्ट क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को लागू किया है।
रियल-टाइम वीडियो एनालिटिक्स:
एयरपोर्ट पर लगे CCTV कैमरों की लाइव फीड से यात्रियों की संख्या और मूवमेंट को ट्रैक करता है। प्रतीक्षा समय का अनुमान: चेक-इन, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग तक पहुंचने में लगने वाले औसत समय की गणना करता है। स्मार्ट रूटिंग: अधिक भीड़ होने पर यात्रियों को कम भीड़ वाले काउंटर या गेट की ओर निर्देशित करता है। फ्यूचर प्लानिंग: पुराने डेटा और फ्लाइट शेड्यूल के आधार पर भीड़ का पूर्वानुमान लगाकर स्टाफ को पहले से तैयार करता है।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि AI तकनीक और मानव संसाधन के बेहतर संयोजन से यात्रियों को सुरक्षित, तेज और आरामदायक यात्रा अनुभव मिलेगा। आने वाले समय में सुरक्षा और अन्य ऑपरेशंस में भी AI का दायरा बढ़ाया जाएगा
